क्या करते हैं आप जब आपको लगता है कि आपसे पसीने की दुर्गंध आ रही है? बहुत सिम्पल सा सोल्यूशन है डिओडरेंट स्प्रे करके आप कम से कम कुछ समय के लिए तो इस दुर्गंध से छुटकारा पा ही जाते हैं। पर क्या कभी अपने इसके इनग्रेडिएंट पर नजर डाली है? भारत एक ट्रॉपिकल देश है जहां गर्मियों में बहुत ज्यादा तापमान बढ़ जाता है। तो रेग्युलर नहाने के बाद भी पसीने की दुर्गंध का सामना हम सभी को करना पड़ता है। इसके बारे में शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है।
पहले समझते हैं कि बॉडी ओडर क्या है?
हमारी स्किन के नीचे पसीने की ग्लैंड्स होती है जो कि बाहरी तापमान बढ़ने पर पसीना स्रावित करती हैं जिससे शरीर का तापमान कम होता है और साथ ही यह शरीर का अपना एक तरीका का भीतर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का। इस सिक्रीशन में स्मेल नहीं होती है पर जहां की स्किन दबी होती है जैसे अन्डरआर्म्स, ग्रॉइन एरिया वहाँ नमी की वजह से बेक्टीरिया होते हैं जो कि पसीने के साथ मिलकर एक अलग स्मेल उत्पन्न करते हैं। पसीने की स्मेल काफी हद तक आपके फूड हेबिट्स पर भी निर्भर करती है जैसे कि प्याज, लहसुन, नॉन वेज और मसालेदार भोजन करने वाले लोगों की स्मेल काफी इंटेन्स होती है, वहीं अगर आप फ्रूट्स खाते हैं और प्रॉपरली हाइड्रेटेड रहते हैं तो यह स्मेल काफी कम हो जाती है। यह तो एक पक्ष है स्मेल कम करने का जो कि पूरी तरह आपकी फूड चॉइसस पर निर्भर है।
आइए अब बात करते हैं डियोडरेंट्स की, ज्यादातर डियोडरेंट्स या फिर एंटीपर्सपिरेन्ट्स में हानिकारक केमिकल्स होते हैं। ये अल्युमिनियम साल्टस होते है जो कि स्वेट ग्लैंड्स को कुछ समय के लिए प्लग कर देते हैं और आर्मपिट और उसके आप पास की स्किन द्वारा अवशोषित हो जाते हैं। शरीर के भीतर ये कार्सिनोजन की तरह ऐक्ट करते हैं।
ट्राईक्लोसेन, ब्यूटेन, पेराबीन्स और सिंथेटिक फ्रेगरेन्स ये कुछ ऐसे केमिकल्स है जिन्हें हम नहाने के बाद अपने शरीर पर लगाते हैं। सिंथेटिक फ्रेगरेन्स जो हम सभी को आकर्षित करती है उसका सच तो लेबल पर भी डिस्क्लोज़ नहीं होता क्यूंकि वो पेटेंट होते हैं।
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तो क्या इस समस्या का क्या निदान है?
जैसे बहुत ब्रांडस के केमिकल युक्त डियोडरेंट्स हमारे आस पास उपलब्ध हैं, वैसे ही कई सारे ब्रांडस है जो कि नेचुरल इन्ग्रेडिएन्ट्स से बने हैं और दिन भर की फ्रेशनेस बनाए रखने में भी सफल हैं।
यहाँ एक बात नोटिस करने वाली है कि मेन और वुमन के लिए अलग अलग डियोडरेंट केवल मार्केट स्ट्रेटजी है अन्यथा इसका कोई औचित्य नहीं है।
ऐसे ही कुछ केमिकल फ्री डियोडरेंट्स की लिस्ट है-
इंडस वेली डियो स्टिक: यह दावा करते हैं की इसमें कोई भी अल्कोहल, पेराबीन, अल्युमिमियम और अमोनिया नहीं है। कई खुशबुओं में उपलब्ध है और एक और बात ये आपकी पॉकेट फ़्रेंडली भी है।
बर्स्ट ऑफ हेपिनेस: यह बेकिंग सोडा (जो कि पसीने की बदबू हटाने का एक प्राकर्तिक उपाय है), शिया बटर, कोको बटर और इसेंशियल ऑइल से बना है। इसमें भी अलग अलग खुशबू के डियो उपलब्ध हैं। अपनी पसंद के अनुरूप ट्राइ करके देखिए।
कोकोनेस : पूरी तरह से प्राकर्तिक इंग्रेडिएन्ट्स से बना है और सेंसिटिव स्किन के लिए बहुत प्रभावी है। अपनी पसंद के अनुरूप ट्राइ करके देखिए।
आप इनमें से कोई चुने या फिर और भी मार्केट में उपलब्ध डियो ट्राइ करें, ये पूरी तरह से आप पर है। पर जब भी कोई डियो खरीदें तो उसके लेबल को जरूर ध्यान से पढ़ें और प्राकर्तिक चीजों से बने डियो को ही प्राथमिकता दें।
स्किन भी एक ऐब्सॉर्बिंग ऑर्गन है, जैसे हम पूरी कोशिश करते हैं कि खाने में केमिकल्स से दूर रहें वैसे ही हमें केमिकल्स के स्किन पर प्रयोग से भी बचना चाहिये। तो स्वस्थ विकल्प अपनाइए और अपने जीवन का आनंद लीजिए।